अगर आपके पास सिर्फ़ दो मिनट हैं
दो लाइनें। पूरा रास्ता बस इतना है।
- मेरी मौजूदा care में diagnosis के लिए जो हूबहू शब्द इस्तेमाल होते हैं, अगर मेरी उन तक पहुँच हो तो उतारे हुए
- एक शब्द या सवाल जिसे मैं साफ़ कराना चाहता/चाहती हूँ
ये दो लाइनें कम energy वाला पूरा रूप हैं। आप यहीं रुक सकते/सकती हैं।
यह lesson किसलिए है
बाइपोलर I और बाइपोलर II दो अलग एपिसोड histories हैं, गंभीरता की एक ही सीढ़ी के दो डंडे नहीं। यही एक वाक्य पूरा अध्याय है। Type सिर्फ़ यह बताता है कि जिस history का आकलन हुआ है उसमें कौन-से एपिसोड दिखते हैं — और कुछ नहीं। वह इसका क्रम नहीं लगाता कि आपकी ज़िंदगी कितनी मुश्किल रही, आपने कितना खोया, या आपको कितनी मदद चाहिए।
Mania ही वह पहचान है जो बाइपोलर I तय करती है। महसूस होने की तीव्रता नहीं; mania, जैसा उसका आकलन होता है। बाइपोलर II में hypomania और major depression होते हैं, mania नहीं।
यहाँ से आप लेकर जाते/जाती हैं अपने ही शब्द, शब्द-दर-शब्द सँभले हुए, और एक सवाल उस professional के लिए जिसने उन्हें लिखा था।
सिर्फ़ video में
दो चीज़ें video करता है जो यह पन्ना नहीं कर सकता।
- एक काल्पनिक record, ऊँची आवाज़ में पढ़ा हुआ, परत-दर-परत, ताकि आप देख सकें कि कोई शब्द कहाँ से आया और वह असल में दावा क्या कर रहा है।
- दोनों types को ऊपर-नीचे क्यों बिठा दिया जाता है, और उस क्रम की क़ीमत उन लोगों को क्या चुकानी पड़ती है जो उसके ग़लत सिरे पर रह जाते हैं।
यह Program किसी medicine की सिफ़ारिश नहीं करता, doses की तुलना नहीं करता, कोई treatment नहीं चुनता, और आपसे यह नहीं कहता कि आप कुछ भी शुरू करें, बंद करें, दोबारा शुरू करें, धीरे-धीरे कम करें, बदलें या मिलाकर लें। अगर medication में किसी बदलाव पर विचार हो रहा है, तो कुछ करने से पहले उपयुक्त prescriber या clinician से contact कीजिए। हालत urgent हो तो urgent रास्ते का इस्तेमाल कीजिए।